मन्दिर, मसजिद, नेता!

हैज़ा, टी. बी.,चेचक से मरती थी पहले दुनिया,
मन्दिर, मसजिद, नेता, कुरसी हैं ये रोग अभी के|

सूर्यभानु गुप्त  

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