हैज़ा, टी. बी.,चेचक से मरती थी पहले दुनिया,
मन्दिर, मसजिद, नेता, कुरसी हैं ये रोग अभी के|
सूर्यभानु गुप्त
A sky full of cotton beads like clouds
हैज़ा, टी. बी.,चेचक से मरती थी पहले दुनिया,
मन्दिर, मसजिद, नेता, कुरसी हैं ये रोग अभी के|
सूर्यभानु गुप्त
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