सुब्ह को रो रो शाम करो!

मीरसे बैअ की है तोइंशामीर की बैअ भी है ज़रूर,

शाम को रो रो सुब्ह करो अब सुब्ह को रो रो शाम करो|

इब्न-ए-इंशा 

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