कब से खड़े हैं बर में ख़िराज-ए-इश्क़ के लिए सर-ए-राहगुज़ार,
एक नज़र से सादा-रुख़ो हम सादा-दिलों को ग़ुलाम करो|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
कब से खड़े हैं बर में ख़िराज-ए-इश्क़ के लिए सर-ए-राहगुज़ार,
एक नज़र से सादा-रुख़ो हम सादा-दिलों को ग़ुलाम करो|
इब्न-ए-इंशा
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