गो देख चुका हूँ पहले भी नज़्ज़ारा दरिया-नोशी का,
एक और सला-ए-आम* कि साक़ी रात गुज़रने वाली है|
*Inviting All
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds
गो देख चुका हूँ पहले भी नज़्ज़ारा दरिया-नोशी का,
एक और सला-ए-आम* कि साक़ी रात गुज़रने वाली है|
*Inviting All
क़तील शिफ़ाई
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