तिरे गुल-रंग होंटों से दहकती ज़िंदगी पी कर,
मैं प्यासा और प्यासा और प्यासा हो सा जाता हूँ|
जाँ निसार अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds
तिरे गुल-रंग होंटों से दहकती ज़िंदगी पी कर,
मैं प्यासा और प्यासा और प्यासा हो सा जाता हूँ|
जाँ निसार अख़्तर
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