तुम मुस्कुराती हो तो!

मैं चाहे सच ही बोलूँ हर तरह से अपने बारे में,

मगर तुम मुस्कुराती हो तो झूटा हो सा जाता हूँ|

जाँ निसार अख़्तर

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