‘मीर-तक़ी’ के रंग का ग़ाज़ा* रू-ए-ग़ज़ल पर आ न सका,
‘कैफ़’ हमारे ‘मीर-तक़ी’ का रंग उड़ाया लोगों ने|
*गुलाबीपन
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
‘मीर-तक़ी’ के रंग का ग़ाज़ा* रू-ए-ग़ज़ल पर आ न सका,
‘कैफ़’ हमारे ‘मीर-तक़ी’ का रंग उड़ाया लोगों ने|
*गुलाबीपन
कैफ़ भोपाली
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