नूर-ए-सहर ने निकहत-ए-गुल ने रंग-ए-शफ़क़ ने कह दी बात,
कितना कितना मेरी ज़बाँ पर क़ुफ़्ल* लगाया लोगों ने|
*Lock
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
नूर-ए-सहर ने निकहत-ए-गुल ने रंग-ए-शफ़क़ ने कह दी बात,
कितना कितना मेरी ज़बाँ पर क़ुफ़्ल* लगाया लोगों ने|
*Lock
कैफ़ भोपाली
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