सर उठाओ तो कोई!

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने,

सर झुकाने से कुछ नहीं होता सर उठाओ तो कोई बात बने|

साहिर लुधियानवी

Leave a comment