पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने,
सर झुकाने से कुछ नहीं होता सर उठाओ तो कोई बात बने|
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds
पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने,
सर झुकाने से कुछ नहीं होता सर उठाओ तो कोई बात बने|
साहिर लुधियानवी
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