रंग और नस्ल ज़ात और मज़हब जो भी है आदमी से कमतर है,
इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने|
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds
रंग और नस्ल ज़ात और मज़हब जो भी है आदमी से कमतर है,
इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने|
साहिर लुधियानवी
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