तिरा तो कोई ख़ुदा है!

मैं कब से कितना हूँ तन्हा तुझे पता भी नहीं,

तिरा तो कोई ख़ुदा है मिरा ख़ुदा भी नहीं|

जावेद अख़्तर

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