उस हुस्न के नाम पे याद आए सब मंज़र ‘फ़ैज़’ की नज़्मों के,
वही रंग-ए-हिना वही बंद-ए-क़बा वही फूल खिले पैराहन में|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
उस हुस्न के नाम पे याद आए सब मंज़र ‘फ़ैज़’ की नज़्मों के,
वही रंग-ए-हिना वही बंद-ए-क़बा वही फूल खिले पैराहन में|
इब्न-ए-इंशा
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