ख़ुश हुए कुछ रंजूर हुए

हम उन से जो मिल कर दूर हुए कुछ ख़ुश हुए कुछ रंजूर हुए,

अब दिल का ठिकाना मुश्किल है हाँ जान रहेगी ऐमन में|

इब्न-ए-इंशा

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