‘फ़राज़’ इश्क़ की दुनिया तो ख़ूब-सूरत थी,
ये किस ने फ़ित्ना-ए-हिज्र-ओ-विसाल* रक्खा है|
*Meetings and Separations
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds
‘फ़राज़’ इश्क़ की दुनिया तो ख़ूब-सूरत थी,
ये किस ने फ़ित्ना-ए-हिज्र-ओ-विसाल* रक्खा है|
*Meetings and Separations
अहमद फ़राज़
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