A sky full of cotton beads like clouds
न हम क़फ़स में रुके मिस्ल-ए-बू-ए-गुल सय्याद,
न हम मिसाल-ए-सबा हल्क़ा-ए-रसन में रहे|
मजरूह सुल्तानपुरी
Δ
Leave a comment