न हम मिसाल-ए-सबा!

न हम क़फ़स में रुके मिस्ल-ए-बू-ए-गुल सय्याद,

न हम मिसाल-ए-सबा हल्क़ा-ए-रसन में रहे|

मजरूह सुल्तानपुरी

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