A sky full of cotton beads like clouds
मैं अपने इख़्तियार में हूँ भी नहीं भी हूँ,
दुनिया के कारोबार में हूँ भी नहीं भी हूँ|
निदा फ़ाज़ली
सामूहिक अचेतन का कम्पास मुझे रास्ता दिखाता है मैं अल्प समय के लिए हूं एक मैं हूँ मैं आत्मा के लिए काम करता हूँ और हर दिन संसार के काम में लगे हुए हैं
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