इक तेज़ रअ‘द* जैसी सदा हर मकान में,
लोगों को उन के घर में डरा देना चाहिए|
*बादलों के गरजने की आवाज़
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds
इक तेज़ रअ‘द* जैसी सदा हर मकान में,
लोगों को उन के घर में डरा देना चाहिए|
*बादलों के गरजने की आवाज़
मुनीर नियाज़ी
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