शौक़ की आग नफ़स की गर्मी घटते घटते सर्द न हो,
चाह की राह दिखा कर तुम तो वक़्फ़-ए-दरीचा-ओ-बाम हुए|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
शौक़ की आग नफ़स की गर्मी घटते घटते सर्द न हो,
चाह की राह दिखा कर तुम तो वक़्फ़-ए-दरीचा-ओ-बाम हुए|
इब्न-ए-इंशा
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