किस सूरज से माँगें धूप

किस का चमकता चेहरा लाएँ किस सूरज से माँगें धूप,

घूर अँधेरा छा जाता है ख़ल्वत-ए-दिल में शाम हुए|

इब्न-ए-इंशा

One response to “किस सूरज से माँगें धूप”

  1. एक आफताब बना कर रब ने दिया पैगाम ए एकजहती
    रहूनमाओं ने हिंदू मुसलमान कर के सूरज भी बांट दिया

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