हाँ यही शख़्स गुदाज़ और नाज़ुक होंटों पर मुस्कान लिए,
ऐ दिल अपने हाथ लगाते पत्थर का बन जाएगा|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
हाँ यही शख़्स गुदाज़ और नाज़ुक होंटों पर मुस्कान लिए,
ऐ दिल अपने हाथ लगाते पत्थर का बन जाएगा|
इब्न-ए-इंशा
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