A sky full of cotton beads like clouds
दीदा ओ दिल को सँभालो कि सर-ए-शाम-ए-फ़िराक़,
साज़-ओ-सामान बहम पहुँचा है रुस्वाई का|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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