राह में हाइल हो जाओ!

मैं हूँ या मौज-ए-फ़ना और यहाँ कोई नहीं,

तुम अगर हो तो ज़रा राह में हाइल* हो जाओ

*सामने आ जाओ  

इरफ़ान सिद्दीक़ी

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