मुझे नहीं किसी उसलूब-ए-शाइरी* की तलाश,
तिरी निगाह का जादू मिरे सुख़न में रहे|
*Style of Poetry
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds
मुझे नहीं किसी उसलूब-ए-शाइरी* की तलाश,
तिरी निगाह का जादू मिरे सुख़न में रहे|
*Style of Poetry
मजरूह सुल्तानपुरी
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