निकल कर अपने क़ालिब* से नया क़ालिब बसाएगी,
असीरी के लिए हम रूह को आज़ाद करते हैं|
*Body
चकबस्त ब्रिज नारायण
A sky full of cotton beads like clouds
निकल कर अपने क़ालिब* से नया क़ालिब बसाएगी,
असीरी के लिए हम रूह को आज़ाद करते हैं|
*Body
चकबस्त ब्रिज नारायण
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