जिस दिन मिरी जबीं!

जिस दिन मिरी जबीं किसी दहलीज़ पर झुके,

उस दिन ख़ुदा शिगाफ़* मिरे सर में डाल दे|

*दरार

कैफ़ भोपाली

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