बीमार कर दिया!

दिल कुछ पनप चला था तग़ाफ़ुल* की रस्म से,

फिर तेरे इल्तिफ़ात** ने बीमार कर दिया|

*उपेक्षा, **उदारता

जोश मलीहाबादी

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