A sky full of cotton beads like clouds
फ़ासले हैं भी और नहीं भी नापा तौला कुछ भी नहीं,
लोग ब-ज़िद रहते हैं फिर भी रिश्तों की पैमाइश पर|
गुलज़ार
Δ
Leave a comment