तुम्हारे नाम पर मैंने हर आफ़त सर पे रक्खी थी,
नज़र शो’लों पे रक्खी थी ज़बाँ पत्थर पे रक्खी थी|
राहत इंदौरी
A sky full of cotton beads like clouds
तुम्हारे नाम पर मैंने हर आफ़त सर पे रक्खी थी,
नज़र शो’लों पे रक्खी थी ज़बाँ पत्थर पे रक्खी थी|
राहत इंदौरी
Leave a comment