फ़ित्ने जगा के रह गईं!

पूछ न उन निगाहों की तुर्फ़ा करिश्मा-साज़ियाँ,

फ़ित्ने* सुला के रह गईं फ़ित्ने* जगा के रह गईं|

*उथल-पुथल

फ़िराक़ गोरखपुरी

One response to “फ़ित्ने जगा के रह गईं!”

  1. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

    💜

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