जा कर कहीं खो जाऊँ मैं नींद आए और सो जाऊँ मैं,
दुनिया मुझे ढूँडे मगर मेरा निशाँ कोई न हो|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds
जा कर कहीं खो जाऊँ मैं नींद आए और सो जाऊँ मैं,
दुनिया मुझे ढूँडे मगर मेरा निशाँ कोई न हो|
मजरूह सुल्तानपुरी
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