नज़ारे फिर जवाँ होंगे!

इसी अंदाज़ से झूमेगा मौसम गाएगी दुनिया,

मोहब्बत फिर हसीं होगी नज़ारे फिर जवाँ होंगे|

मजरूह सुल्तानपुरी

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