A sky full of cotton beads like clouds
इसी अंदाज़ से झूमेगा मौसम गाएगी दुनिया,
मोहब्बत फिर हसीं होगी नज़ारे फिर जवाँ होंगे|
मजरूह सुल्तानपुरी
Δ
Leave a comment