ज़ेहन-ए-इंसानी इधर ‘आफ़ाक़ की वुसअत’* उधर,
एक मंज़र है यहाँ अंदर कि बाहर देखिए|
*दुनिया का फैलाव
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds
ज़ेहन-ए-इंसानी इधर ‘आफ़ाक़ की वुसअत’* उधर,
एक मंज़र है यहाँ अंदर कि बाहर देखिए|
*दुनिया का फैलाव
जावेद अख़्तर
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