हर शय से मुक़द्दस* है ख़यालात का रिश्ता,
क्यूँ मस्लहतों** पर उसे क़ुर्बान किया जाए|
*पवित्र , **सलाह
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds
हर शय से मुक़द्दस* है ख़यालात का रिश्ता,
क्यूँ मस्लहतों** पर उसे क़ुर्बान किया जाए|
*पवित्र , **सलाह
क़तील शिफ़ाई
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