उसे क़ुर्बान किया जाए!

हर शय से मुक़द्दस* है ख़यालात का रिश्ता,

क्यूँ मस्लहतों** पर उसे क़ुर्बान किया जाए|

*पवित्र , **सलाह

क़तील शिफ़ाई 

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