धड़कन रुक जाए!

इस तरह निगाहें मत फेरो, ऐसा न हो धड़कन रुक जाए,

सीने में कोई पत्थर तो नहीं एहसास का मारा, दिल ही तो है|

साहिर लुधियानवी

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