फ़ज़ा-ए-शौक़ में उसकी बिसात ही क्या थी,
परिंद अपने परों का निशाना हो गया है|
इरफ़ान सिद्दीक़ी
A sky full of cotton beads like clouds
फ़ज़ा-ए-शौक़ में उसकी बिसात ही क्या थी,
परिंद अपने परों का निशाना हो गया है|
इरफ़ान सिद्दीक़ी
Yes, as I said, first line was clear, 2nd line sir ji!?
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