वो शाख़ों से जुदा होते हुए पत्तों पे हँसते थे,
बड़े ज़िंदा-नज़र थे जिनको मर जाने की जल्दी थी|
राहत इंदौरी
A sky full of cotton beads like clouds
वो शाख़ों से जुदा होते हुए पत्तों पे हँसते थे,
बड़े ज़िंदा-नज़र थे जिनको मर जाने की जल्दी थी|
राहत इंदौरी
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