सर-ए-राह कुछ भी कहा नहीं कभी उसके घर मैं गया नहीं,
मैं जनम जनम से उसी का हूँ उसे आज तक ये पता नहीं|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds
सर-ए-राह कुछ भी कहा नहीं कभी उसके घर मैं गया नहीं,
मैं जनम जनम से उसी का हूँ उसे आज तक ये पता नहीं|
बशीर बद्र
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