A sky full of cotton beads like clouds
अच्छी नहीं ये ख़ामुशी शिकवा करो गिला करो,
यूँ भी न कर सको तो फिर घर में ख़ुदा ख़ुदा करो|
निदा फ़ाज़ली
Δ
Leave a comment