आँखें झपकते रहते हैं!

भरे हैं रात के रेज़े कुछ ऐसे आँखों में,

उजाला हो तो हम आँखें झपकते रहते हैं|

गुलज़ार

3 responses to “आँखें झपकते रहते हैं!”

  1. Beautiful lines,👍

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