फिर उनकी गली में पहुँचेगा फिर सहव का सज्दा कर लेगा,
इस दिल पे भरोसा कौन करे हर रोज़ मुसलमाँ होता है|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
फिर उनकी गली में पहुँचेगा फिर सहव का सज्दा कर लेगा,
इस दिल पे भरोसा कौन करे हर रोज़ मुसलमाँ होता है|
इब्न-ए-इंशा
Leave a comment