वो दर्द कि उसने छीन लिया वो दर्द कि उसकी बख़्शिश था,
तन्हाई की रातों में ‘इंशा’ अब भी मिरा मेहमाँ होता है|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
वो दर्द कि उसने छीन लिया वो दर्द कि उसकी बख़्शिश था,
तन्हाई की रातों में ‘इंशा’ अब भी मिरा मेहमाँ होता है|
इब्न-ए-इंशा
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