हम तेरी सिखाई मंतिक़* से अपने को तो समझा लेते हैं,
इक ख़ार खटकता रहता है सीने में जो पिन्हाँ होता है|
*ज्ञान
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
हम तेरी सिखाई मंतिक़* से अपने को तो समझा लेते हैं,
इक ख़ार खटकता रहता है सीने में जो पिन्हाँ होता है|
*ज्ञान
इब्न-ए-इंशा
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