A sky full of cotton beads like clouds
हमीं से रंग-ए-गुलिस्ताँ हमीं से रंग-ए-बहार,
हमीं को नज़्म-ए-गुलिस्ताँ पे इख़्तियार नहीं|
साहिर लुधियानवी
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