ख़िज़ाँ हमारी तरफ़!

बिछड़ते वक़्त वो तक़्सीम कर गया मौसम,

बहार उसकी तरफ़ है ख़िज़ाँ हमारी तरफ़|

राजेश रेड्डी

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