अब तो हमें मंज़ूर है ये भी शहर से निकलीं रुस्वा हूँ,
तुझ को देखा बातें कर लीं मेहनत हुई वसूल मियाँ|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
अब तो हमें मंज़ूर है ये भी शहर से निकलीं रुस्वा हूँ,
तुझ को देखा बातें कर लीं मेहनत हुई वसूल मियाँ|
इब्न-ए-इंशा
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