उजाड़ सी रह-गुज़र!

ये उदास उदास से बाम ओ दर ये उजाड़ उजाड़ सी रह-गुज़र,

चलो हम नहीं न सही मगर सर-ए-कू-ए-यार कोई तो हो|

अहमद फ़राज़

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