जहाँ के तौर बदल गए!

वही आस्ताँ है वही जबीं वही अश्क है वही आस्तीं,

दिल-ए-ज़ार तू भी बदल कहीं कि जहाँ के तौर बदल गए|

मजरूह सुल्तानपुरी

One response to “जहाँ के तौर बदल गए!”

  1. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

    💚

    Like

Leave a comment