वही आस्ताँ है वही जबीं वही अश्क है वही आस्तीं,
दिल-ए-ज़ार तू भी बदल कहीं कि जहाँ के तौर बदल गए|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds
वही आस्ताँ है वही जबीं वही अश्क है वही आस्तीं,
दिल-ए-ज़ार तू भी बदल कहीं कि जहाँ के तौर बदल गए|
मजरूह सुल्तानपुरी
💚
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