मुझे सहल हो गईं मंज़िलें वो हवा के रुख़ भी बदल गए,
तिरा हाथ हाथ में आ गया कि चराग़ राह में जल गए|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds
मुझे सहल हो गईं मंज़िलें वो हवा के रुख़ भी बदल गए,
तिरा हाथ हाथ में आ गया कि चराग़ राह में जल गए|
मजरूह सुल्तानपुरी
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