सैलाब रहता है|

हज़ारों बस्तियाँ आ जाएँगी तूफ़ान की ज़द में,

मिरी आँखों में अब आँसू नहीं सैलाब रहता है|

मुनव्वर राना

2 responses to “सैलाब रहता है|”

  1. christinenovalarue avatar
    christinenovalarue

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