संग-रेज़ों* से ख़ज़फ़-पारों** से,
कितने हीरे कभी चुन लाए हैं|
*पत्थर के टुकड़े, **ठीकरी के टुकड़े
जाँ निसार अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds
संग-रेज़ों* से ख़ज़फ़-पारों** से,
कितने हीरे कभी चुन लाए हैं|
*पत्थर के टुकड़े, **ठीकरी के टुकड़े
जाँ निसार अख़्तर
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